निर्गुण प्रेम मार्गी सूफ़ी संत कवि एवं उनका काव्य, ज्ञान मार्गी संत काव्य धारा एवं निर्गुण प्रेम मार्गी सूफ़ी संत काव्य धारा में साम्य एवं वैषम्य

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रानी आभा, Dr.

Abstract

(Research paper based on UGC Sponsored Minor Research Project in Hindi)


Nirguna Prem Margi Sufi Saint Poets and their poetry, Gyan Margi saint poetry stream and Nirguna Prem Margi Sufi poets: Simmilarities and Opposition in their poetry stream


प्रस्तुत शोध-पत्र निर्गुण प्रेम मार्गी सूफ़ी संत कवियों, ज्ञान मार्गी संत काव्य धारा एवं निर्गुण प्रेम मार्गी सूफ़ी संत काव्य धारा के मध्य साम्य एवं वैषम्य को प्रस्तुत करता है। This research paper presents the equality and discrimination between the Nirguna Prem Margi Sufi Saint Poets and their poetry, Gyan Margi saint poetry stream and Nirguna Prem Margi Sufi poets.

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How to Cite
आभार. (2014). निर्गुण प्रेम मार्गी सूफ़ी संत कवि एवं उनका काव्य, ज्ञान मार्गी संत काव्य धारा एवं निर्गुण प्रेम मार्गी सूफ़ी संत काव्य धारा में साम्य एवं वैषम्य. S O C R A T E S, 2(2), 9-49. Retrieved from https://socratesjournal.com/index.php/SOCRATES/article/view/21
Section
हिन्दी साहित्य

References

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल - जायसी ग्रंथावली - भूमिका
डॉ त्रिगुणायत - पद्भावत का शास्त्रीयभाष्य - पृष्ठ सं. 283